FROM
SAMPATH’S DESK:
MY
GREAT INDIA – मेरा भारत
महान
विश्व के
सबसे प्राचीन देशों में से एक है भारत जो है मेरी मातृभूमि;
हम हैं इस
महान देश के बेहद प्रेमी;
यह है प्राकृतिक
सौन्दर्य तथा संसाधनो का खज़ाना;
हमे गर्व
से पूरी दुनिया को यह है समझाना!
यहां अनिवार्य
रूप से बहुत सारे अंतर और विविधताएँ पायी जाती है;
किन्तु ‘अनेकता
में एकता’ ही हमारा मूल मन्त्र है;
परंपराएँ,
रीति-रिवाज, और भाषाएँ न हो एकसमान;
लेकिन मन
की बात है एक जैसी !
भारत आध्यात्मिकता
का देश है;
जहाँ भाषाएँ,
जलवायु परिस्थितियाँ और संस्कृति अलग-अलग हैं;
लेकिन हमारी
भावनाएँ, आशाएं, और आकांक्षाएं
अलग-अलग नहीं!
हमारा लक्ष्य
है विकसित भारत;
इसे पाने
के लिए हमे कड़ी मेहनत करनी होगी:
भारत को महान
अर्थव्यवस्था में बदल्ने के लिए कई प्रकार के प्रयास और प्रयत्न करने होंगे;
आईए, इस उपलब्धि
को हासिल करने हेतु हम एकजुट होकर साथ रह्कर हमारे कर्तव्य प्रभावी ढंग से निभाए!
जय हिन्द!
आर. सम्पत
11/3/2025
Comments
Post a Comment